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मालगाड़ी का इंजन फेल, अटकी ट्रेनें, मां पहुंची डबरा, मासूम रह गया ग्वालियर

ग्वालियर। पनिहार से ग्वालियर आ रही मालगाड़ी का इंजन ट्रेन के पनिहार स्टेशन से निकलते ही फे ल हो गया। जिससे इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बंद होने से ग्वालियर से जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को ग्वालियर व बिरलानगर स्टेशन पर रोके रखा गया। 
ग्वालियर से इंजन पनिहार भेजकर मालगाड़ी को ग्वालियर लाए जाने के बाद ही इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही शुरु हो सकी। जिसके कारण रतलाम जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे की देरी से रवाना हुई। शिवपुरी के रास्ते ग्वालियर आ रही मालगाड़ी का इंजन पनिहार स्टेशन के आउटर के पास ही फैल हो गया। इंजन में आई तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए ड्राइवर ने प्रयास किया। लेकिन तकनीकी खराबी दूर नहीं होने पर लोको पायलट ने इसकी जानकारी कंट्रोल को दी। कंट्रोल से मिली सूचना के बाद ग्वालियर से एक इंजन मौके पर भेजकर ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी को ग्वालियर लाने के बाद ही इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही शुरु हो सकी।



मां पहुंची डबरा, मासूम रह गया ग्वालियर
झेलम एक्सप्रेस में सफर कर रही मां से उसका दस साल का मासूम ग्वालियर स्टेशन पर बिछड़ गया और झेलम एक्सप्रेस रवाना हो गई। रो रहे मासूम पर जैसे ही प्लेटफार्म नंबर एक पर गश्त कर रहे आरपीएफ एएसआई शबीर खान की नजर पड़ी। उन्होंने मासूम से रोने का कारण पूछा तो उसने मां से बिछडऩा बताया। एएसआई ने क ंट्रोल व डबरा आरपीएफ को सूचना दी। सूचना मिलते ही सक्रिय हुई आरपीएफ ने ट्रेन के डबरा स्टेशन पहुंचते ही मासूम की मां रजिया को उतार लिया। बांद्रा-झांसी एक्सप्रेस से ग्वालियर पहुंची महिला को उसका बेटा आरपीएफ ने सुपुर्द कर दिया। बबीना निवासी रजिया खान अपने दस साल के बेटे अरमान के साथ झेलम एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार हुई थी। रजिया अपने बेटे के साथ दिल्ली से बबीना जा रही थी। झेलम एक्सप्रेस जब ग्वालियर पहुंची तो बेटा अरमान कोच से उतर गया। इसी दौरान ट्रेन झांसी की ओर रवाना हो गई। जिसके कारण अरमान स्टेशन पर ही छूट गया। अरमान को रोता देख उसे आरपीएफ पोस्ट लेकर पहुंच गए। जवानों ने जनरल कोच में सवार अरमान की मां रजिया को बेटा ग्वालियर में होने की बात कहकर उतार लिया।