जीवन में आनंद सुख पूर्वक जीना हैं, तो कुछ बातों की अपेक्षा करना भी सिखो-विषुद्ध सागर 

 ग्वालियर। हमारे विचार सोच, आचरण जब तक पवित्र-निर्मल नही होगा तब तक हम परमोत्कर्श को प्राप्त नहीं कर सकेंगे। जीवन में आनंद सुख पूर्वक जीना है, तो कुछ बातों की अपेक्षा करना भी सिखों। जगत् की अपेक्षाओं से हमारा कल्याण नही होगा, आत्म कल्याण के लिए पर की अपेक्षा अंत्यन्त आवष्यक है। यह विचार आचार्यश्री विषुद्ध सागर महाराज ने आज सोमवार को नई सडक़ स्थित तेराहपंथी धर्मषाला मे धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
आचार्यश्री ने आगे कहा कि संसार की संपति, साधन आडम्बर हमारे आत्म सुख के कारण नही हो सकते है। जितना जितना आप पर द्रव्यों का संग्रह करोगे उतनी उतनी अषांति के निकट पहुॅचते जाओगे। लक्ष्य दृश्टि होगी तदनुकूल आचारण होगा, मन वष होगा, चित्र षांत होंगा तभी आत्मानंद प्रारंभ होगा। निज में स्थापित हुए बिना आत्म सुख संभव नही है। मन-वचन-काया पर भी उपयोग न जाय इसका नाम योग है। ध्यान के लिए निज में उपयोग की आवष्यता है।
भगवान महावीर चित्र आवरण एवं शास्त्र भेंट किया
धर्मसाभ का षुभारंम भगवान महावीर और आचार्यश्री विराग सागर के चित्र का अनावरण चेम्बर आफ चेम्बर के पूर्व अध्यक्ष डॉ वीरेद्र गंगवाल ने चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर षुभारंम किया। आचार्यश्री विषुद्ध सागर महाराज के पादप्रक्षालन कमलचंद जैन एवं षास्त्र बालचंद जैन ने भेंट किए। संचालन संस्था के अध्यक्ष महेन्द्र जैन ने किया। दिगंबर जैन जागरण युवा संघ ने श्रीफल चढ़ाकर अषिर्वाद लिया।
 40 परिवार गुरू से आहारचार्य की गुहार लगा रहे है
 जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया ंिक जैन समाज के संत 24 घंटे में मात्र एक वार ही आहार ग्रहण करते है। जब आचार्य या मुनिश्री आहार लेने के लिए निकालते है जो भक्तगण अपने हाथों में पूजन की सामग्री, फल, आदि लेकर पडग़ाहन करते है। नियमआनुसार जिसके हाथ में फल या सामग्री पर दृश्टि पड़ती है तो वह खड़े हो जाते है। वह भक्त आचार्यश्री मुनिश्री की तीन परिक्रम लगाकर मन, वचन, काया षुद्ध एवं आहार जल षुद्ध है, भोजन षाला में प्रवेष कीजिए कहता है। इसके बाद आचार्यश्री आहार के लिए चल पडते है। ग्वालियर में आए आचार्यश्री सहित 24 साधुओ के लिए जैन समाज के 40 परिवार आचारचार्य चैके लगा रहे है।
 आचार्यश्री के सानिध्य में 21 फुट षांतिनाथ भगवान का महामस्तिकाभिशेक आज
 जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि आचार्यश्री विषुद्ध सागर महाराज सहित 24 पिच्छी साधुओ के सानिध्य में श्री दिगम्बर जैन बीसपंथी बडा मदिर प्रबंधक कमेटी की ओर से षांतिनाथ मार्ग (गेडेवाली सडक़) स्थित दिगंबर जैन नंसिया में आज 17 दिसंबर को दोपहर 12-30 बजे से 21 फुट उतंग भगवान षांतिनाथ की विषाल प्रतिमा का महामस्तिकाभिशेक एवं मंगल प्रवचन कार्यक्रम आयोजित होगा। भगवान षांतिनाथ के महामस्तिकाभिशेक मे कॉफी संख्या मे जैन समाज के श्रद्धालुगण पूजा आर्चना कर अभिशेक करेगे। 
 आचार्यश्री का जन्मोंत्सव का 24 साधु के सानिध्य मे 18 दिसंबर को मनाया जाऐगा
दिगंबर जैन जागरण युवा संघ एवं सकल जैन समाज के तवात्वधान में आचार्यश्री विषुद्ध सागर महाराज का जन्मोत्सव अवतरण दिवस महोत्सव 18 दिसंबर दोपहर 1 बजे से 24 साधुओ पिच्छी के सानिध्य मे माधव डिस्पेसरी के सामने स्थित वीर जैन छात्रावास में धूमधाम के साथ मनाई जाऐंगी।