कृषि महाविद्यालय में क्षमतावर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

ग्वालियर। पहले अपना रोजगार कैसे शुरु किया जाता है न ये पता करने के सहज साधन थे और न ही बताने व सहयोग करने वाले लोग। अब जमाना बदल गया है। सरकार के संस्थान आपको कौशल सिखा रहे हैं आपको हुनरमंद बना रहे हैं। वे आपको बिजनेस शुरु करने से लेकर बिजनेस चलाना तक सिखा रहे हैं। ऐसे में बस आवश्यकता है कि युवा सोच बदलें और स्वरोजगार के लिए आगे बढ़ें। उनके लिए अवसर इंतजार कर रहे हैं। 
कृषि महाविद्यालय में भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान द्वारा आयोजित किए जा रहे क्षमतावर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम में यह बात राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस. के. राव ने कही। उन्होंने छात्र छात्राओं को ग्वालियर चंबल अंचल में स्वरोजगार स्थापना के लिए प्रेरित किया।
 कार्यक्रम के प्रारंभ में उद्यमिता विकास संस्थान भोपाल के कार्यक्रम निदेशक डॉ. एम. एच. मेवाती ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के छात्र छात्राओं को उद्यम एवं उद्यम स्थापना के लिए प्रशिक्षण देने के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 6 दिसंबर तक प्रशिक्षार्थियों को डिजीटल मार्केटिंग, फायनेन्शियल मैनेजमेंट, एन्टरप्रनयोरियल सॉफट स्किलस एवं मार्केटिंग एंड ब्रांडिंग फॉर स्मॉल बिजनेस का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक प्रशिक्षण में 30 प्रशिक्षणार्थी भाग लेंगे। इस अवसर पर अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ. जे. पी. दीक्षित ने कहा कि प्रशिक्षण पाकर छात्र छात्राएं स्वरोजगार की राह प्राप्त करेंगे। उद्घघाटन सत्र के बाद विभिन्न सत्रों में प्रशिक्षक सुमित साहनी, पूजा गुप्ता, गीतिका जोशी ने प्रतिभागियों को अपने अपने विषय पर व्याख्यान दिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन अनुज शर्मा एवं आभार नोडल अधिकारी डॉ. शोभना गुप्ता ने जताया। इस अवसर पर शिक्षकगण व छात्र छात्राएं मौजूद थे।