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पहले निगम तोड़ता था अवैध निर्माण, अब प्रशासन ने शुरु की मुहिम

फोटो साथ में..४, ५
ग्वालियर। नगर निगम सीमा में वैध और अवैध निर्माण तय करने का अधिकार कानूनी रूप से नगर निगम के पास है। मगर प्रदेश सरकार की माफिया के खिलाफ मुहिम की आड़ में प्रशासन ने अवैध इमारतों को तोडऩा शुरू कर दिया है। प्रदेश सरकार से भूमाफिया के खिलाफ कार्र्यवाही के अधिकार मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने तोडफ़ोड़ का काम शुरू कर दिया है। शनिवार को कला वीथिका के पास निगम रिकार्ड में दर्ज विनोद सेठ के पुत्र यश की बहुमंजिला इमारत में प्रशासनिक अधिकारियों ने तोडफ़ोड़ करवाई। अधिकारियों का कहना है कि इस इमारत की ऊपरी एक मंजिल  अवैध रूप से निर्मित है। जिसका निर्माण बिना अनुमति के किया गया है। इस वजह से इसे तोडऩे की कार्यवाही की गयी है। प्रशासनिक अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस तरह की कार्यवाही आगे भी चलती रहेंगी।
भवन अधिकारी वीरेन्द्र शाक्य ने बताया इस बहुमंजिला इमारत की अनुमति वर्ष 2017 में जारी हुई थी। जो जी प्लस टू थी। इसके बाद इसका निर्माण लगातार चल रहा था। कुछ महीने पहले भी इसकी तुड़ाई हुई थी तब सामने की तरफ छज्जे अधिक बनाने को लेकर कार्यवाई हुई थी। इस बार पूरी मंजिल अवैध होने की शिकायत पर कार्यवाई हुई थी। सम्पत्ति मालिक ने अवैध रूप से तीसरी मंजिल का निर्माण कर लिया था। 
शहर में इस तरह की इमारतों के खिलाफ प्रशासन की मुहिम और तेज हो सकती है। इस तरह की चर्चा है कि भाजपा के नेताओं और पूर्व मंत्रियों के नजदीकी बिल्डरों पर भी प्रशासन एक दो दिन में कार्यवाही कर सकता है। इनमें एक नाम तेजी से चर्चा में है जो डबरा वाले पूर्व मंत्री के बेहद करीबी बताये गये हैं और उन्होंने सिटी सेंटर क्षेत्र में एयरटेल ऑफिस के पास एक बहुमंजिला इमारत का अभी नव निर्माण किया है। इसकी अनुमति टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग द्वारा खारिज कर दी गई है।    
कार्यवाही के दौरान कलेक्टर अनुराग चौधरी भी जायजा लेने पहुंचे  उनसे पहले सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा, एसडीएम अनिल बनवारिया, जयति सिंह, मनीष यादव भी मौजूद रहे।