पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा बैजाताल

ग्वालियर। यदि सब कुछ ठीक रहा तो फिर शहरवासी शीघ्र ही मोतीमहल परिसर में स्थापित बैजाताल में नौकायन के साथ ही यहां जल्द ही ऊंट और घोड़े की सवारी करते दिखाई देंगे। इस योजना को लेकर नगर निगम बेहद संजीदा है। इस पूरे क्षेत्र को दोनों ओर से कवर्ड कर नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा। इस प्रस्ताव पर जल्दी ही अंतिम मुहर लग सकती है, अन्य विभागों के साथ भी चर्चा का दौर अंतिम चरण में है। इस तरह शहरवासियों के साथ ही बाहर से आने वाले सैलानियों के लिए भी यह स्थान बेहद आकर्षण का केंद्र होगा।
 बोट क्लब बंद होने के बाद नगर निगम ने बैजाताल को बोटिंग के लिए चुना और पिछले छह माह से यहां सैलानी बड़ी संख्या में बोटिंग करने पहुंचते हैं, इसके साथ ही इसे आकर्षक लुक देने के लिए रंग बिरंगी लाइटें भी लगवाई गई हैं, जिससे सांझ ढलते ही यह परिसर बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। कुछ रोज पहले बैजाताल में बतखें और मछलियां भी छोड़ी गई हैं। दिन के वक्त बड़ी संख्या में यहां सैलानी पहुंचते हैं। जिसके चलते यह स्थल धीरे-धीरे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होता जा रहा है।                                          
मोती महल में संचालित अधिकांश सरकारी दफ्तर अन्य स्थानों पर शिफ्ट हो चुके हैं और जो शेष हैं, वह भी कुछ माह में दूसरी जगह पर संचालित होने लगेंगे। इसके बाद पड़ाव और जलविहार मार्ग की ओर से आने वाले वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी जाएगी और यहां पहुंचने वालों को निर्धारित पार्किंग में गाडिय़ां पार्क करने के बाद पैदल यहां पहुंचना होगा। इसके साथ ही बैटरी से चलने वाले वाहनों को यहां भीतर तक सैलानियों को पहुंचाने की अनुमति रहेगी।आकर्षक बेंच और रेस्टॉरेंट भी होंगे, जहां सैलानी व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे।
तैयार होने के बाद यह स्थल बच्चों के लिए बेहद आकर्षण का केंद्र होगा। यहां उनके लिए झूले आदि तो होंगे ही साथ ही ऊंट और घोड़े पर सवारी करना भी उन्हें पसंद आएगा।                     
नगर निगम द्वारा इस पूरे परिसर को ऑक्सीजन जोन के रूप में विकसित किए जाने की योजना है। जिसके चलते यहां प्रदूषण फैलाने वाले वाहन तो पहुंच ही नहीं सकेंगे, साथ ही बड़ी संख्या में हरियाली को भी बढ़ावा दिया जाएगा।